Friday, October 10, 2014

करवाचौथ स्पेशल ... हरयाणवी इश्टाइल (on a lighter side)


घराड़ी बोली आज करवाचौथ से
सारी औरतेँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत करे हैं
मैं भी थारी लम्बी उम्र वास्ते व्रत करुँगी
मैं सोच्या बात भी सही है
घर का काम करे और पहली तारीख को पैसे भी दे
ऐसे काम करन वाले आदमी रोज रोज थोड़े मिले हैं

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घराड़ी बोली तुम खुश  को नि दिखो हो
मैं बोल्या ये किसी बात को दुःख को नी
पिछली बारी घना खुश होया ते तू घर आई
अब इससे ज्यादा ख़ुशी हजम कईआं होगी
जे सोच के ही दुखी रवो हूँ

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घराड़ी मायके जाते हुए बोली, बड़े खुश लॉग रहे हो
महारे जाने का दुःख को नी
मैं बोल्यो ये ख़ुशी थारे जाने की को न
मैं तो ये वास्ते खुश हूँ कि तेरे बापू जो हमेशा तेरे खुश न होने का ताना सुनाये हैं
उन्हें भी तो एक महीने पता चले कि दामाद जी कितने महान हैं

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पुष्पेश पाण्डेय
अक्टूबर 10, 2014

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